मिट्टी के हम दिए जलाए,
अमावस को उजियारा लाएं
हर कुम्हार के घर खुशहाली हो
कुछ ऐसी ये दिवाली हो….
पटाखे कम से कम छुड़ाए
पटाखों से गंदगी न फैलाए,
स्वच्छता को हम बनाए रखे
कि सुरक्षित हमारी हरियाली हो
कुछ ऐसी ये दिवाली हो…..

पुरानी परंपरा लुप्त हो रहे
घरौंदे आकाशदीप हम खो रहे,
अगली पीढ़ी तक पहुंचाने को
हर घर में सजी एक थाली हो
कुछ ऐसी ये दिवाली हो।
