हाय परीक्षा! हाय परीक्षा!
हमको कभी न भाए परीक्षा।
दिनभर रटते पुस्तक लेकर,
फिर भी कुछ न आए परीक्षा।
अब मरते रहते दिनभर घर में,
सारा चैन ले जाए परीक्षा
हाय परीक्षा, हाय परीक्षा।

जो कलम कभी चलता न था
उसको भी ये चलाए परीक्षा,
मर मर के हम फिर भी लिखते
हाय परीक्षा, हाय परीक्षा।
कितने प्यारे प्यारे शिक्षक
उनसे डाँट खिलाए परीक्षा,
घर में ताने सुनवाए परीक्षा
हाय परीक्षा, हाय परीक्षा।
टीवी, मोबाइल की आजादी भी
हमसे छीन ले जाए परीक्षा,
बच्चों को बड़ा सताए परीक्षा
हाय परीक्षा, हाय परीक्षा।।
