
इस स्वतंत्रता दिवस स्वतंत्र करें
अपने दिमाग को छोटी सोच से
सोच को बुरे विचारों से
मन को मनोविकारों से
और इस देश को बीमारों से
असंतोष को इच्छा से
गांवों को अशिक्षा से
सबके विश्वास को संशय से
और महिलाओं को भय से
आइए हम स्वतंत्र करें…..
इस स्वतंत्रता दिवस स्वतंत्र करें
देश की सीमाओं को आतंक से
संस्थाओं को राजनीति से
राजनीति को भ्रष्टाचार से
विवाह को दहेज प्रथा से
निम्नवर्ग को शोषण से
और बच्चों को कुपोषण से
अपने आप को बुरे कर्म से
तो समाज को जाति-धर्म से
मजदूरों को बेरोजगारी से
और युवाओं को बेकारी से
इस स्वतंत्रता दिवस स्वयं को स्वतंत्र करें
पीढ़ियों की संकुचित मानसिकता से
